ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो) पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है। हर https://keeganftgte.popup-blog.com/38240028/the-lekin-jab-shani-atyadhik-prabhavi-ho-jaata-hai-diaries